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मणिमहेश यात्रा भाग 1

मणिमहेश यात्रा भाग -1
     मुझे यात्रा  वृतान्त पढने का शुरू से  बहुत शौक है  । मै भी चाहता था कि कभी मै भी कुछ लिखू लेकिन चुकी यात्रा वृतान्त तब तक रोचक नहीं लगता जब तक की आप की शैली शमा न बांध सके। और कही न कही इस वजह से लिखने से संकोच करता रहा। ख़ैर ये मेरी पहली कोशिश है देखते है आप को कितना पसंद आता है।
मणिमहेश की यात्रा   हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के हड़सर से शुरू होती है, जो कि समुद्र तल से 13,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। इसके लिए हड़सर से 13 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पार करनी पड़ती है।

धौलाधार, पांगी व जांस्कर पर्वत श्रृंखलाओं से घिरा यह कैलाश पर्वत मणिमहेश-कैलाश के नाम से प्रसिद्ध है और हजारों वर्षो से श्रद्धालु इस मनोरम शैव तीर्थ की यात्रा करते आ रहे हैं। यहां मणिमहेश नाम से एक छोटा सा पवित्र सरोवर है। इसी सरोवर की पूर्व की दिशा में है वह पर्वत जिसे कैलाश कहा जाता है। इसके गगनचुम्बी हिमाच्छादित शिखर की ऊंचाई समुद्र तल से लगभग 18,564 फुट है। मणिमहेश-कैलाश क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में चम्बा जिले के भरमौर में आता है।

 1 सितम्बर को  सुबह मामाजी जो फिरोजपुर  जिले के जलालाबाद में रहते है। मुझे सुबह 10 बजे फोन किया कि कल महिमहेश  चलेगा क्या ?मैंने कहा मैं तो वैसे भी मादिवाड़ा झेल रहा  हु। मै तो त्यार हु ।
और ठीक 12 बजे मैने अपना  बैग उठाया और पजाब के लिए निकल गया ।और  साय लगभग 7 बजे जलालाबाद पहुच गया और रात को वही आराम किया  ।।    क्रमशः #manimahesh

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